Home / Religious / सीता नहीं थी रावण की मौत का कारण, जानिए क्या हैं 4 स्त्रियों का अपमान के अपमान का रहस्य ???

सीता नहीं थी रावण की मौत का कारण, जानिए क्या हैं 4 स्त्रियों का अपमान के अपमान का रहस्य ???

रावण… दशानन, जिसके एक नहीं बल्कि दस सिर थे। हर सिर पर योग्यता का ताज था। शिव का एक शाश्वत भक्त। जिनकी भक्ति से शिव भी मोहित हो गए। कि रावण कभी राम नहीं बन सका, केवल उसके चरित्र की कमजोरियों के कारण। इस प्रकार ब्राह्मण पुत्र रावण एक महान विद्वान था। वह एक कुशल राजनीतिज्ञ, सेनापति और स्थापत्य कला के उस्ताद थे।

वह एक धर्मशास्त्री थे और कई विषयों के जानकार थे। लेकिन महिलाओं के प्रति उनकी दुर्भावना के कारण वे राम के हाथों हार गए। नाभि का अमृत भी उसकी रक्षा नहीं कर सका। हम आपको उन चार बुद्धिमान महिलाओं के बारे में बताने जा रहे हैं जिनके साथ रावण बदसलूकी करना चाहता था। बदले में उनके श्राप के कारण अजेय रावण को काल का गाल मिल गया।

वाल्मीकि रामायण के अनुसार रावण संसार को जीतकर स्वर्गलोक पहुंचा था। वहां वह रंभा नाम की एक अप्सरा पर मोहित हो गए। उन्होंने रंभा को अंकशास्त्री बनने के लिए मजबूर किया। अप्सरा रंभा ने भागने की बहुत कोशिश की। यह भी कहा जाता है कि वह अपने भाई कुबेर के पुत्र नलकुबेर की प्यारी है। इस लिहाज से वह बहू के समान है। रावण ने उसकी एक न सुनी। इसके बाद नलकुबेर ने रावण को श्राप दिया कि यदि वह किसी स्त्री की इच्छा के विरुद्ध उसे छूएगा तो वह मर जाएगी।

जब रावण पुष्पक विमान से कहीं जा रहा था, तो उसकी नजर ध्यान में लीन एक सुंदर स्त्री पर पड़ी। वेदवती नाम की यह महिला विष्णु को पति के रूप में पाने के लिए घोर तपस्या कर रही थी। ऐसे में रावण ने उसे अपने साथ चलने को कहा। मना करने पर बाल पकड़कर पुष्पक के पास खींच लिया। तपस्विनी ने योग शक्ति के बल पर अपना शरीर त्याग दिया और श्राप दिया कि तुम केवल इसी कामुकता और स्त्री के कारण मरोगे।

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