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चौथे प्रयास ने अमित बने IAS, तीन बार असफल होने पर भी नही मानी हार

संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सर्विसेज परीक्षा को देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में एक माना जाता है। इस परीक्षा में हर वर्ष लाखों की संख्या में अभ्यर्थी शामिल होते है, जिसके चलते एग्जाम में बेहतर तैयारी के साथ बैठने की जरूरत होती है। ताकि जल्द सफलता मिल जाए। हालांकि कई अभ्यर्थियों का चयन दो से तीन अटेम्प्ट में होता है। ऐसे अभ्यर्थी परीक्षा की तैयारी करने वाले अन्य अभ्यर्थियों के लिए मिशाल बन जाते हैं। इसी क्रम में हम आज आपको 2018 में 212वीं रैंक लाकर आईएएस बनने वाले अमित काले की कहानी बताएंगे, जिन्होंने बेहद खास रणनीति अपनाकर सिविल सेवा में सफलता हासिल की। यह रणनीति खासतौर से उन लोगों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है, जो इस वक्त सिविल सेवा की तैयारी करने का प्लान बना रहे हैं।

आसान विषयों को पहले पढ़ें 

अमित काले के मुताबिक परीक्षा की तैयारी के लिए उन्होंने सबसे पहले स्टडी मैटेरियल तैयार किया। इस दौरान उन्होंने देखा कि उनका कौन सा विषय मजबूत है और कौन सा विषय कमजोर है। इसके बाद उन्होंने सबसे पहले सरल विषय की पढ़ाई की और बाद में कठिन विषयों पर फोकस किया। उनके मुताबिक हर कैंडिडेट की क्षमताओं के अनुसार सब्जेक्ट कठिन या आसान लग सकते हैं। ऐसे में आप पहले यह तय कर लें और फिर उसी हिसाब से तैयारी करें।

प्री की परीक्षा में हर बार हुए सफल

अमित काले ने यूपीएससी की प्री परीक्षा चारों प्रयास में पास की। शुरुआती 2 प्रयासों में वह फाइनल राउंड तक नहीं पहुंच पाए। लेकिन तीसरे प्रयास में परीक्षा पास कर ली। इस बार उनकी रैंक अच्छी नहीं आई और उन्हें आईएएस सेवा नहीं मिली। ऐसे में उन्होंने एक बार फिर प्रयास किया और साल 2018 में मन मुताबिक सफलता हासिल कर ली।

अन्य अभ्यर्थियों को सलाह

यूपीएससी की तैयारी करने वाले अन्य अभ्यर्थियों को लेकर अमिल काले का कहना है कि आपको सबसे पहले खुद की क्षमताओं का आकलन कर लेना चाहिए और उसी हिसाब से आगे बढ़ना चाहिए। दूसरे की कॉप करके पढ़ाई न करें, क्योंकि सबका दिमाग अलग-अलग और तरीका अलग होता है। अमित का कहना है कि असफलता से डरे नहीं और मेहनत करते रहे, एक न एक दिन आपको सफलता जरूर मिलेगी।

 

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